लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोग गर्मी से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं और इस बार राहत जल्दी मिल सकती है। मौसम विज्ञान से जुड़ी शुरुआती भविष्यवाणियों के अनुसार, 2025 में मानसून के समय से पहले आने की संभावना है। सामान्यतः जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में मानसून प्रवेश करता है, लेकिन इस बार यह जून के तीसरे सप्ताह तक पहुंच सकता है।
पिछले कुछ दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव और स्थानीय स्तर पर बादल छाए रहने के संकेत मिल रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और धूलभरी आंधियों की गतिविधियां भी दर्ज की गई हैं, जो मानसून की तैयारी का संकेत मानी जा रही हैं।
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जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल देशभर में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है, जिससे उत्तर प्रदेश के किसान समुदाय को भी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि मानसून निर्धारित समय से पहले आता है, तो खरीफ की फसल की बुआई में भी तेजी आएगी।
स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मानसून पूर्व तैयारी शुरू कर दें और वर्षा के पहले संकेत मिलते ही अपनी गतिविधियों में तेजी लाएं। इस साल का मानसून केवल मौसम ही नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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