शरद मिश्रा “शरद”
उत्तरप्रदेश: जिला कारागार शाहजहांपुर में इन दिनों खेती की एक मिसाल कायम हो रही है। यहां के जेल कृषि फार्म पर अधीक्षक मिजाजी लाल की देखरेख में उगाई जा रही आर्गेनिक हरी सब्जियों की चर्चा अब जेल की चारदीवारी के बाहर भी हो रही है।
खास बात यह है कि फार्म में उगाई जा रही लौकी का आकार और वजन देखकर हर कोई चौंक रहा है। एक-एक लौकी का वजन चार से पांच किलो तक पहुंच रहा है और हर बेल में कई लौकियां लटक रही हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि इन सब्जियों का लाभ सीधे जेल में बंद बंदियों को दिया जा रहा है। बंदियों को रोज़ ताजा, पौष्टिक और रसायन-मुक्त सब्जी मिल रही है, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है।
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जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने जानकारी देते हुए बताया
हमने जेल परिसर में जैविक बीजों का इस्तेमाल किया है। इसका परिणाम शानदार है। न केवल लौकी, बल्कि अन्य सब्जियों की भी अच्छी पैदावार हो रही है। इसका फायदा बंदियों को मिल रहा है।
जेल फार्मिंग का यह मॉडल अब अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, जहां अपराधियों के सुधार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और पौष्टिक आहार का संतुलन बखूबी दिखता है।
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