लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश का लखीमपुर खीरी जिला अपनी सांस्कृतिक विविधता, जंगलों और बाघों के लिए तो प्रसिद्ध है ही, लेकिन यहाँ का एक कस्बा ऐसा भी है जो अपनी मिठास से दिल जीत लेता है—जी हां, हम बात कर रहे हैं मैगलगंज की, जहाँ के रसगुल्ले वर्षों से न सिर्फ ज़िले, बल्कि दूर-दराज़ के क्षेत्रों में भी लोकप्रिय हैं।
🎯 क्या खास है मैगलगंज के रसगुल्लों में?
मैगलगंज के रसगुल्ले केवल एक मिठाई नहीं, परंपरा और शुद्धता का स्वाद हैं। इन्हें बनाने में न तो मशीनों की चकाचौंध होती है और न ही कोई केमिकल, बल्कि ये तैयार होते हैं शुद्ध देसी छेना, देशी घी, और कच्ची चीनी के रस में। यही कारण है कि यहां का रसगुल्ला:
- एकदम मुलायम और रस से भरा होता है
- मुँह में जाते ही घुल जाता है
- देर तक उसका स्वाद याद रहता है
स्थानीय लोग बताते हैं कि इस मिठाई की शुरुआत दशकों पहले हुई थी और आज भी पुरानी विधि और घरेलू स्वाद को बनाए रखा गया है।
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📍 कहाँ मिलता है सबसे बढ़िया रसगुल्ला?
मैगलगंज में कई मिठाई की दुकानें हैं, लेकिन “रामदयाल मिष्ठान भंडार”, “गुप्ता स्वीट्स” जैसी पुरानी दुकानों का नाम रसगुल्ले के साथ सबसे पहले लिया जाता है। यहाँ बनने वाला रसगुल्ला अक्सर त्योहारों, शादियों और धार्मिक आयोजनों में पहली पसंद होता है।
🚗 कैसे पहुंचे मैगलगंज?
मैगलगंज, लखीमपुर खीरी जिले का एक कस्बा है जो लखनऊ-सीतापुर मार्ग से जुड़ा हुआ है। लखनऊ से मैगलगंज की दूरी लगभग 100 किलोमीटर है, जो सड़क मार्ग से आसानी से तय की जा सकती है।
🌐 स्वाद की ये विरासत अब ऑनलाइन भी पहुंच रही है!
बदलते समय के साथ अब मैगलगंज के कुछ व्यापारी ऑनलाइन ऑर्डर और होम डिलीवरी की सुविधा भी देने लगे हैं, जिससे इसका पारंपरिक स्वाद अब प्रदेश के बाहर भी पहुंच रहा है।
मैगलगंज का रसगुल्ला सिर्फ मिठाई नहीं, एक स्वाद की विरासत है। जो भी एक बार चख ले, वह फिर इसे भूल नहीं पाता। यदि आप उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जाएं, तो इस मीठे अनुभव को ज़रूर लें।
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