लखीमपुर खीरी। मंगलवार को थारू जनजातीय अंचल एक बार फिर विकास की नई रेखा पर दर्ज हो गया जब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यहाँ का दौरा किया। उनके आगमन से क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भरता की नई प्रेरणा जगी, बल्कि जनजातीय समाज के लिए संचालित योजनाओं को भी नई गति मिली।
राज्यपाल ने जनजातीय महिलाओं द्वारा तैयार की गई उत्पादों और उनके पारंपरिक हुनर की सराहना करते हुए कहा कि “थारू महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता का यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्पद है।” उन्होंने विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रयासों की प्रशंसा की, और इन केंद्रों को बेहतर संसाधनों से सुसज्जित करने की बात कही।
इस अवसर पर मिशन मैदान, पोषण अभियान, महिला सशक्तिकरण और शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित में चलाई जा रही योजनाओं की ग्राउंड रिपोर्ट पर फोकस करें, और जनजातीय समुदाय तक हर योजना की वास्तविक पहुँच सुनिश्चित करें।
बैठक में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी संकल्प शर्मा, सीडीओ अभिषेक कुमार, और जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल ने अफसरों के साथ एक मंथन बैठक भी की, जिसमें विकास योजनाओं की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और ज़मीनी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
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