रिपोर्ट:- दीप शंकर मिश्र “दीप”
लखनऊ: यूपी के जनपद लखीमपुर खीरी के एक छोटे से गांव निवासी कमलेश मिश्रा उर्फ मोनू को आज कौन नही जानता मगर उनके इस मुकाम तक पहुंचने के परिश्रम के बारे में शायद ही आप जानते हो। कमलेश मिश्रा मोनू एक सामान्य परिवार से है और अपने पढ़ाई के दौरान ही इन्होंने राजनीति में कदम रख दिया था। खास बात यह रही की इन्होंने शुरू से ही बीजेपी का दामन थामा तो उसे आज तक नही छोड़ा।
बीजेपी में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में इन्होंने गांव-गांव जाकर बीजेपी का प्रचार प्रसार किया जबकि उस वक्त केंद्र में कांग्रेस व प्रदेश में सपा,बसपा जैसी पार्टियों का बोलबाला था। लखीमपुर खीरी जनपद में जब कहीं बीजेपी की रैली या फिर कोई कार्यक्रम होता था तो कमलेश वहां अहम भूमिका निभाते थे और माइक पकड़ते ही ऐसा दहाड़ते थे की कार्यक्रम में मौजूद लोगों में खासा जोश पैदा हो जाता था। उनके भाषणों की गूंज विपक्षी पार्टियों को हिला देती थी। धीरे-धीरे समय बदला लोग बदले मगर कमलेश मिश्रा ने अपनी रफ्तार नही बदली और उसी तरह बीजेपी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाते हुए सभी को जागरूक करते रहे।
उनकी इस मेहनत का परिणाम उनको मिलना ही था फिर क्या एक समय ऐसा आया की मोदी और योगी की लहर ने लोगों के दिलों में जगह बना ली और केंद्र व प्रदेश दोनों जगह भाजपा का परचम लहराया। उधर कमलेश मिश्रा उर्फ मोनू पार्टी के लिए सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में अपना कार्य करते रहे और एक समय ऐसा आया की भाजपा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नजर इनकी पार्टी के प्रति लगन व निष्ठा पर पड़ी और हाईकमान ने इन्हे भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश महामंत्री बनाया। यहीं से इन्होंने वो रफ्तार पकड़ी की पार्टी के हाईकमान ने इनके कार्यों को सराहा और चुनाव प्रभारी का जिम्मा भी सौंपा।
चुनाव में ताबड़तोड़ दौरे के बाद इन्हे भाजपा अवध क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने पर इन्होंने स्पष्ट तौर पर कह दिया की पार्टी का हर एक कार्यकर्ता स्वयं को क्षेत्रीय अध्यक्ष समझकर सच्ची लगन निष्ठा से कार्य करें वो हर परेशानी में उनके साथ खड़े दिखाई देंगे। क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वो कार्यकर्ताओं से यह कहते हुए नजर आ रहे थे की कोई भी कार्यकर्ता मेरे आगमन पर स्वागत नही करेगा ये स्वागत की परंपरा मेरे लिए बंद करो और अपने बूथों पर कार्य कर पार्टी को जिताओं।
भाजपा पार्टी में इतना बड़ा पद होने के बाद भी कमलेश मिश्रा की सादगी देखने लायक है वो आज भी सभी से विनम्र पूर्वक मिलते है और उनकी समस्याओं को सुनकर निस्तारण करते है। यही कारण है की अवध क्षेत्र के लोग कमलेश मिश्रा को अपने दिल में बसा कर रखते है।
सामान्य परिवार में जन्मे कमलेश मिश्रा आखिर कैसे बने भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष, आखिर क्या है इसके पीछे की कहानी?

By दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक
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