अहिल्या बाई केवल एक शासक नहीं थीं, वे जनसेवा, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता की जीवंत प्रतीक थीं:- राजभर

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निघासन, संवादाता। मराठा साम्राज्य की महान और जनसेवा को समर्पित महारानी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को नगर के ढखेरवा रोड स्थित जेपी पैलेस में एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर रहे, जिनका कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में झंडी स्टेट के राजा राज राजेश्वर सिंह, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी उपस्थित रहे। इस मौके पर पाल समाज के सैकड़ों कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

राजभर ने दिया सामाजिक समरसता और न्याय का संदेश

अपने उद्बोधन में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अहिल्या बाई होल्कर के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा, “अहिल्या बाई केवल एक शासक नहीं थीं, वे जनसेवा, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता की जीवंत प्रतीक थीं। उनका शासनकाल न्याय, पारदर्शिता और धर्मनिरपेक्षता का उदाहरण था। आज जब हम सामाजिक न्याय की बात करते हैं, तो अहिल्या बाई होल्कर हमारे लिए सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत हैं।”

उन्होंने कहा कि अहिल्या बाई ने महिलाओं को सम्मान दिलाने और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की रोशनी पहुंचाने का काम किया। उनके कार्य आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं।
इस दौरान कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमनदीप सिंह व वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र कुमार पांडेय के साथ पाल समाज के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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