रिपोर्ट:- शरद मिश्रा “शरद”
लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन अंतर्गत ग्राम मूर्तिहा निवासी एक गरीब किसान छोटेलाल पुत्र मटरू के साथ एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि लेखपाल ने उन्हें दस्तावेज़ों में मृतक दिखाकर उनकी जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दी।
छोटेलाल का कहना है कि वह एक निर्धन व्यक्ति हैं और मजदूरी कर जैसे-तैसे अपना पालन करता हैं। जब उन्हें पता चला कि उनकी जमीन खतौनी में उनके नाम से हटाकर किसी और के नाम कर दी गई है, तो उनके होश उड़ गए।
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📌 तहसील पहुंच कर लगाई न्याय की गुहार:
घबराए छोटेलाल तत्काल तहसील कार्यालय पहुंचे और मामले की जानकारी तहसीलदार मुकेश कुमार को दी। इस पर तहसीलदार ने जांच कराई और बताया कि यह त्रुटिवश हुआ है, और अब गलती को सुधार लिया गया है।
🔎 प्रशासन ने मानी गलती, किया सुधार:
तहसीलदार मुकेश कुमार ने बताया, “यह मामला वारासत से संबंधित है। रामकेवल नामक व्यक्ति की जमीन पर वारिस के दो नामों के लिए आवेदन किया गया था। इसी प्रक्रिया में लेखपाल से गलती हो गई और छोटेलाल का नाम मृतक दर्शाकर खारिज कर दिया गया।
हालांकि अब खतौनी में छोटेलाल का नाम पुनः दर्ज कर दिया गया है।”
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🤔 सवाल खड़ा करती है लापरवाही:
हालांकि प्रशासन द्वारा गलती स्वीकार कर सुधार कर दिया गया है, लेकिन यह सवाल उठता है कि एक जीवित व्यक्ति को मृत दिखाना और उसकी जमीन किसी और के नाम चढ़ा देना एक साधारण गलती मानी जा सकती है या नहीं?
इस तरह की लापरवाही अगर समय पर नहीं पकड़ी जाती तो पीड़ित को अपनी पुश्तैनी जमीन से हाथ धोना पड़ सकता था। प्रशासन को ऐसी त्रुटियों से बचने के लिए सिस्टम को और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है।