लखनऊ। प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। गन्ना मूल्य भुगतान हेतु परिक्षेत्रीय एवं मुख्यालय स्तर से निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है तथा भुगतान में लापरवाही बरतने वाली चीनी मिलों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही हेतु परिक्षेत्रीय एवं जिला गन्ना अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है।
उक्त के क्रम में गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना कृषकों के हितों के दृष्टिगत शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान कराये जाने के प्रायोजन से चीनी मिल बरखेड़ा-पीलीभीत, मकसूदापुर-शाहजहांपुर, बहेड़ी व नवाबगंज-बरेली, कुन्दुरखी गोण्डा तथा मलकपुर-बागपत को गन्ना मूल्य भुगतान करने हेतु निरन्तर निर्देशित किया गया। इन चीनी मिलों को दिये गये निर्देशों के कम में समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करने पर सख्त कार्यवाही करते हुए उक्त 06 चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण-पत्र जारी की गयी है।
🌾 PM किसान सम्मान निधि योजना 2025: कब आएगी अगली किस्त? मोदी सरकार ने दिए जरूरी निर्देश !!
उन्होंने बताया कि निर्गत वसूली प्रमाण पत्र के क्रम में सम्बंधित जिला प्रशासन भू-राजस्व के बकाया की तरह ही वसूली कर सकेगा, जिससे किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कराने में मदद मिलेगी। साथ ही यह भी बताया कि अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए समय-समय पर की गयी समीक्षा बैठकों एवं नोटिसें निर्गत कर त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान के लिए दिये गये निर्देशों के आलोक में भुगतान प्रक्रिया में तेजी आयी है। पेराई सत्र 2024-25 में संचालित 122 चीनी मिलों में से 65 चीनी मिलों द्वारा शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया गया है और 22 चीनी मिलों द्वारा 84 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान प्रदेश के किसानों को कर दिया गया है।
उत्तरप्रदेश में मानसून की दस्तक: इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, अलर्ट जारी।।
गन्ना आयुक्त ने यह भी अवगत कराया कि गन्ना मूल्य भुगतान का दैनिक अनुश्रवण मुख्यालय स्तर पर नियमित किया जा रहा है। इसी क्रम में गन्ना मूल्य भुगतान में लापरवाही बरतने वाली चीनी मिलों के आगामी पेराई सत्र हेतु गन्ना क्षेत्रफल के पुर्ननिर्धारण पर भी विचार किया जा सकता है।
इस शिव मंदिर में अश्वत्थामा आज भी करने आते है पूजा, शिवलिंग दिन में तीन बार बदलता है रंग!!