रिपोर्ट:- शरद मिश्रा “शरद”
निघासन खीरी। सोमवार को क्षेत्र के पत्रकार अभिषेक गुप्ता की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सीएचसी लाया गया, लेकिन वहां जो हुआ, उसने चिकित्सा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया।
सीएचसी पहुंचने पर पत्रकार को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिली। मौके पर मौजूद डॉक्टर त्रिभुवन सिंह ने मेज पर पैर रखकर मोबाइल फोन में व्यस्त रहना ज्यादा जरूरी समझा और बीमार पत्रकार के इलाज में रुचि नहीं दिखाई।
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स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर मोहित वीर सिंह ने जिम्मेदारी निभाते हुए तत्काल इलाज शुरू किया। पत्रकार की नाजुक हालत की सूचना मिलने पर एसडीएम राजीव निगम भी मौके पर पहुंचे। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद पत्रकार को सीएचसी में एक बेड तक नहीं मिल सका। मजबूरीवश अधीक्षक कार्यालय में रखे सोफे पर ही उन्हें लिटाकर इलाज किया गया।
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जब इस मामले की जानकारी देने के लिए सीएमओ संतोष गुप्ता को कॉल किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। नाराज पत्रकारों ने ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले एसडीएम राजीव निगम को ज्ञापन सौंपाकर डॉक्टर त्रिभुवन सिंह के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार सुरजीत सिंह चानी, शरद मिश्रा, सतीश गुप्ता, असगर अली, मोहम्मद यूसुफ, राजू गिरि, आकाश गुप्ता, शिवम कश्यप, शोएब अंसारी, आनंद गुप्ता के साथ दर्जनों क्षेत्रीय पत्रकार मौजूद रहे।
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