रिपोर्ट:- शरद मिश्रा “शरद”
निघासन (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र में बाढ़ का पर्याय बने घाघी नाले का निरीक्षण करने पहुंची डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है की मानसून से पहले इस नाले पर बांध बनाया जाए ताकि क्षेत्र को बाढ़ की तबाही से रोका जा सके।
गुरुवार की सुबह लुधौरी के रानीगंज घाघी नाले का निरीक्षण करने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल पहुंची तो क्षेत्र के किसानों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए बाढ़ का पर्याय बने घाघी नाले के बारे में बताते हुए कहा कि यदि इस पर मजबूत बांध बनाया जाए तो क्षेत्र को बाढ़ से बचाया जा सकता है। डीएम ने भी किसानों को भरोसा दिलाया कि मानसून से पहले कार्य को पूरा कर लिया जाएगा जिसके लिए नहर व बाढ़ खंड विभाग को निर्देशित भी कर दिया गया है। जिसके बाद डीएम ने लुधौरी रानीगंज रोड पर बन रहे 2 करोड़ 65 लाख के रपटा पुलों का भी निरीक्षण किया व 15 जून तक कार्य पूरा करने के शख्त निर्देश दिए।
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घाघी नाले पर बंधा निर्माण को लेकर नहर विभाग के अपर अभियंता सोभित कुशवाहा ने बताया कि घाघी नाले पर बांध का निर्माण नहीं किया जायेगा। नाले की सफाई की जाएगी और उसकी खुदाई कराकर उसे सही दिशा दी जाएगी।
इस दौरान एसपी संकल्प शर्मा, डीएफओ सौरिष सहाय, प्रदेश संयोजक भाजपा राज राजेश्वर सिंह, विधायक शशांक वर्मा, एसडीएम राजीव निगम, सीओ महक शर्मा, बीडीओ जयेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर महेश चंद, रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह के साथ सिंचाई व बाढ़खंड के आला अधिकारी रहे मौजूद।
किसानों ने एसडीएम को बनाया था बंधक
शारदा नदी से जुड़ा लुधौरी के गोविंदपुर फार्म के पास निकला घाघी नाला बरसात के दिनों में बहुत कहर बरपाता है। इस नाले का उत्तरी तटबंध फटा होने से गोविंदपुर फार्म, रानीगंज, लुधौरी, बैलहा, मंडप फार्म, लालपुर के साथ सैकड़ों गांव प्रभावित होते हैं। वर्ष 2016 में यहां के लोगों ने आंदोलन करते हुए इस नाले से खेत की जमीन और फसलों के नुकसान को देखकर जलसमाधि ले लेने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद बाढ़ के पानी से कटे बंधे को देखने पहुंचे तत्कालीन एसडीएम को नाराज ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। साथ ही बाढ़ खंड के अफसरों को वहां से भगा दिया था। बाद में बाढ़ खंड और ग्राम पंचायत की तरफ से रेत की बोरियां व ईंटे पाटकर बहाव को किसी तरह रोका गया था।
दो पक्षों ने अलग अलग डीएम से की बात
घाघी नाले का निरीक्षण करने पहुंची डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल से किसानों की तरफ से दो पक्ष मौके पर मिले जिसमे से एक पक्ष ने बाढ़ की तबाही को रोकने के लिए बंधा निर्माण होने की बात कही तो दूसरे पक्ष ने डीएम को हाईकोर्ट के कागज दिखाते हुए कहा कि जब तक इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है तब तक घाघी नाले पर बंधे का निर्माण न किया जाए।
राजा झंडी ने क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए उठाई थी आवाज
झंडी स्टेट के राजा व भाजपा के वरिष्ठ नेता राजा राज राजेश्वर सिंह ने बीते दिनों मुख्यमंत्री से मिलकर क्षेत्र में बाढ़ का पर्याय बने घाघी नाले के आतंक के बारे में अवगत कराया था। जिसके बाद बाढ़ खंड व नहर विभाग के अधिकारियों ने राजा राज राजेश्वर सिंह के साथ घाघी नाला व तमोलिनपुरवा बंधे का निरीक्षण किया था। जिसके बाद राजेश्वर सिंह ने सिंचाई एवम जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग से भी मुलाकात कर क्षेत्र में हर वर्ष आ रही बाढ़ की समस्या से उन्हें अवगत कराया था।
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